Monday, November 30, 2009

धैर्य 









एक आदमी अपनी जमा पूँजी से नया ट्रक खरीद लाया. उसके तीन साल के ने खेल- खेल में चमचमाते हुए ट्रक पर हथौड़ी से चोट कर दी. वह आदमी गुस्से में दौड़ता हुआ उसके पास आया और सजा देने के लिए उसने अपने बेटे के हाथ पर हथौड़ा मार दिया. बच्चे के हाथ से बह निकले खून से अचानक उसे बेटे को लगी चोट का अहसास हुआ और वह बच्चे को लेकर भागता हुआ अस्पताल पहुंचा. डाक्टरों ने बच्चे की हड्डी का इलाज करने की बहुत कोशिश की, लेकिन अंत में उन्हें उस लड़के के हाथ की अंगुलियाँ काटनी पड़ी.

लड़के को जब ऑपरेशन के बाद होश आया और उसने अपने हाथों पर बंधी पट्टी देखी तो पिता से बोला ' पापा, आपका ट्रक खराब करने के लिए , मुझे माफ़ कर दीजिए' फिर उसने बड़ी मासूमियत से पुछा ' लेकिन मेरी अंगुलियाँ वापस कब तक बढ़ जाएंगी ?' बेटे के इस प्रश्न का जवाब दिए बिना पिता घर गया और उसने आत्महत्या कर ली.
                                                  
(अहा! ज़िन्दगी- संकलन से)
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शुभेच्छु

प्रबल प्रताप सिंह

1 comment:

  1. I like this article for movement than i realized that this is a life.

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